RPSC 1st Grade Exam, 2018

विषय: फर्स्ट ग्रेड स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा 2018

राजस्थान में अनेकों विद्यार्थियों के द्वारा एक आंदोलन किया जा रहा है जिनका उद्देश्य परीक्षा तिथि को आगे बढ़ाने का है क्योंकि आनन-फानन में सरकार की तरफ से नए छात्रों उचित समय न देते हुए परीक्षा ली जा रही है।

इसके विरोध में छात्रों द्वारा एक आंदोलन किया जा रहा है जिसे सरकार द्वारा दबाने का पूर्ण प्रयास किया जा रहा है छात्रों की मांग है की व्याख्याता भर्ती परीक्षा 2018 की परीक्षा तिथि आगे बढ़ाई जाए क्योंकि परीक्षा के तैयारी के लिए उचित समय नहीं दिया गया है क्योंकि नए छात्रों की भर्ती इस परीक्षा में फिर से की गई है तो उन्हें नियत समय दिया जाना चाहिए जो कि उनका अधिकार है। क्योंकि यह सब उसका भविष्य तय करेगा।

पूरा मामला क्या है देखते हैं:

व्याख्याता भर्ती परीक्षा का रजिस्ट्रेशन हुआ 17 मई 2018 से 16 जून 2018 हुआ इसमें कुल पद  5000 (कुल विषय अध्यापक 20) थे। लगभग 800000 छात्रों ने इसका फॉर्म भरा था। और ये एग्जाम लगना था जनवरी 2019 में

पर छात्रों की मांग थी कि परीक्षा तिथि आगे की जाए तो परीक्षा स्थगित की गई परंतु आगे कब होगी यह नहीं बताया गया। छात्रों ने परीक्षा के लिए फिर जून-जुलाई में फिर से मांग की कि परीक्षा ली जाए।

परंतु EWS  के बाद सरकार ने पुरानी भर्ती में नए छात्रों को भी लेने का मन बनाया और एक नया नोटिस निकाला जिसमें अक्टूबर 2019 में 156000+ नए छात्रों के फॉर्म भरे गए।

आरपीएससी द्वारा नई परीक्षा तिथि घोषित की गई जो कि 3 जनवरी 2020 से 13 जनवरी 2020 तक है।

इस कारण नए छात्रों को बहुत कम समय मिला है जो कि एक स्कूल व्याख्याता परीक्षा की भर्ती के सिलेबस को देखते हुए बहुत ही कम है। व्याख्याता भर्ती परीक्षा में आज करीब 969190 अभ्यर्थी हैं।

छात्रों की मांगे

1. नए छात्रों को पढ़ने का समय दिया जाए और परीक्षा जून-जुलाई में हो। नए छात्रों में कुछ ऐसे भी छात्र हैं जो अपनी ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष में है।

2. 5000 अतिरिक्त पदों की संख्या बढ़ाई जाए जैसा सरकार का वादा था 3800 बढ़ाने का।

3. बाहरी राज्यों के छात्रों का कोटा 5% तक किया जाए जैसा कि अन्य राज्यों में  प्रावधान है।

4. उर्दू विषय को शामिल किया जाए।

5. ईडब्ल्यूएस में संशोधन

संशोधन के बाद केवल 800000 की आय सीमा तय की गई है इस कारण कुछ छात्र अक्टूबर के अंदर जो फॉर्म भरे गए उनमें संशोधन नहीं कर पाए उन्हें फिर से संशोधन का मौका मिले।

6. आरपीएससी भी अपना एग्जाम कैलेंडर जारी करें जिस प्रकार यूपीएससी और एसएससी में किया जाता है ताकि किसी प्रकार का कोई भ्रम ना हो परीक्षा को लेकर।

7. परीक्षा फीस कम की जाए जो कि एसएससी यूपीएससी को देखते हुए बहुत ही ज्यादा है क्योंकि परीक्षा सरकार नौकरी के चयन के लिए करती हैं ना कि राजस्व इकट्ठा करने के लिए।

अब तक का धरना प्रदर्शन एक नजर में

छात्रों ने 23 नवंबर से विरोध प्रदर्शन किया किंतु दिसंबर माह से उन्होंने धरना देना प्रारंभ कर दिया जो अभी भी जारी है। धरना प्रदर्शन के समर्थन में राज्यसभा सांसद डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा जी, विधायक रामचरण बोहरा जी, भूतपूर्व विधायक अशोक प्रणामी जी, राजस्थान के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदि गणमान्य नेता इसका समर्थन करते हुए छात्रों के साथ खड़े हुए हैं।

छात्रों में कुछ छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे हुए हैं जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है। छात्रा नोनी सेन को भूख हड़ताल के कारण 15 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। भूख हड़ताल में अन्य छात्र भी है जिनमें असलम चौपदार इरा बोस इत्यादि।

बेरोजगार छात्रसंघ के अध्यक्ष उपेन यादव पूर्व छात्र नेता राम सिंह समोसा भी आंदोलन करने वाले छात्रों का समर्थन कर हैं।

सरकार प्रदर्शन को दबाने के लिए हर प्रकार के प्रयास कर रही है जिसके चलते राजस्थान सरककर ने कुछ अध्यापक जैसे विपिन  प्रकाश शर्मा और शशि भूषण शर्मा को आंदोलन करने वाले छात्रों  समर्थन करने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

इसी परीक्षा को लेकर पिछली बार दिसंबर  2018 में सरकार ने कहा था कि पेपर छप चुके हैं और परीक्षा नियत समय पर लगेगी किंतु परीक्षा तिथि आगे बढ़ी थी।

छात्रों के मन की बात जानने के लिए बेरोजगार छात्र अध्यक्ष उपेन यादव और उत्कर्ष क्लासेज, जोधपुर ने फेसबुक पर एक सर्वे करवाया जहां पर पाया गया कि 70 से 75% छात्र यह चाहते हैं कि परीक्षा तिथि आगे बढ़ाई जाए। हमारे खुद (My Online Pathshala) के सर्वे भी यही सामने आया है की करीब 80% छात्र परीक्षा जनवरी, 2019 में नहीं चाहते।

सरकार ने छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए तीन सदस्य कमेटी बैठाई है जो निर्णय करेगी कि छात्रों की परीक्षा तिथि आगे बढ़ाई जाए या नहीं छात्रों की मांग मानी जाए या नहीं। सदस्यों में राजस्थान सरकार के बीडी कल्ला जी, सुभाष गर्ग जी और गोविंद सिंह डोटासरा जी शामिल है।

 अभी तक सरकार की तरफ से परीक्षा को स्थगित करने से संबंधित कोई भी निर्णय नहीं आया है, अतः आप सभी लोगों से निवेदन की जब तक सरकार की तरफ से कोई निर्णय नहीं आ जाता है तब तक आप अपनी तैयारी जारी रखे। और फेसबुक और व्हाट्सएप्प  पर आने वाली भ्रामक खबरों से दूर रहें।

नोट: इस लेख में हमने (My Online Pathshala) किसी भी प्रकार से किसी को अपना समर्थन नहीं दिया है न राज्य सरकार को और न ही आंदोलन करने वाले छात्रों को। इस लेख के मध्यम से हमने वर्तमान स्थिति के बारे में अपने पाठकों को अवगत करवाने का प्रयासभर किया है। अगर आप के कोई विचार या सुझाव हैं  जो आप हमारे साथ साझा करना चाहते हैं तो आप हमें 7374884402 पर व्हाट्सऐप या टेलीग्राम पर भेज सकते हैं।

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