Chemistry Notes (Part-7)

उत्प्रेरक (Catalyst)

  • वह अभिक्रिया जिसमें, अभिक्रिया की गति, उत्प्रेरक की उपस्थिति के कारण परिवर्तित हो जाती है। ‘उत्प्रेरण’ कहलाती है।
  • वह बाहरी पदार्थ जो किसी रासायनिक अभिक्रिया के वेग को परिवर्तित कर देता है, परन्तु स्वयं क्रिया के अन्त में भार तथा बनावट में अपरिवर्तित रहता है, उत्प्रेरक कहलाता है।

 

उत्प्रेरक की सामान्य विशेषताएँ (General Characteristics of Catalysts)

  • उत्प्रेरक, भार तथा बनावट में अपरिवर्तित रहते हैं।
  • उत्प्रेरक की बहुत सुक्ष्म मात्रा अभिक्रिया के वेग को परिवर्तित कर देती है।
  • उत्प्रेरक किसी क्रिया को आरम्भ नहीं कर सकता।
  • सामान्यतः उत्प्रेरक उत्पादों की प्रवृत्ति नहीं बदलते।
  • उत्प्रेरक अपने कार्य में विशिष्ट होते हैं। उत्प्रेरक का साम्यावस्था पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
  • उत्प्रेरक का प्रमुख कार्य, अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा को कम करना है।
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