Indian Polity Notes (Part-3)

भाग 13 (Part XIII)

भारत के राज्य क्षेत्र के भीतर व्यापार, वाणिजय और समागम (Trade, Commerce and Intercourse within the Territory of India)

अनुच्छेद 301: व्यापार, वाणिज्य और सभागम की स्वतंत्रता

अनुच्छेद 302: व्यापार, वाणिज्य और सभागम पर निर्बधन अधिरोपित करने की संसद की शक्ति

अनुच्छेद 303: व्यापार और वाणिज्य के संबंध में संघ और राज्यों की विधायी शक्तियों पर निर्बधन

अनुच्छेद 304: राज्यों के बीच व्यापार, वाणिज्य और समागम पर निर्बधन

अनुच्छेद 305: विद्यमान विधियों और राज्यों के एकाधिकार का उपबंध करनेवाली विधियों की व्यावृत्ति

अनुच्छेद 306: (निरसित)

अनुच्छेद 307: अनुच्छेद 301 से अनुच्छेद 304 के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए प्राधिकारी की नियुक्ति

 

भाग 14 (Part XIV)

संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं (Services under the Union and the States)

अध्याय 1- सेवा (Services)

अनुच्छेद 308: निर्वचन

अनुच्छेद 309: संघ का राज्य की सेवा करने वाले व्यक्तियों की भर्ती और सेवा की शर्ते

अनुच्छेद 310: संघ या राज्य की सेवा करने वाले व्यक्तियों की पदावधि

अनुच्छेद 311: संघ या राज्य के अधीन सिविल हैसियत में नियोजित व्यक्तियों का पदच्युत किया जाना पद से हटाया जाना या पंक्ति में अवनत किया जाना

अनुच्छेद 312: अखिल भारतीय सेवाएं

अनुच्छेद 312-क: कुछ सेवाओं के अधिकारियों की सेवा की शर्तों में परिवर्तन करने या उन्हें प्रतिसंहृत

करने की संसद की शक्ति

अनुच्छेद 313: संक्रमणकालीन उपबंध

अनुच्छेद 314: (निरसित)

 

अध्याय 2 – लोक सेवा आयोग (Public Service Commissions)

अनुच्छेद 315: संघ और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोग

अनुच्छेद 315: सदस्यों की नियुक्ति और पदावधि

अनुच्छेद 316: लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य का हटाया जाना और निलंबित किया जाना

अनुच्छेद 318: आयोग के सदस्यों और कर्मचारिगृह की सेवा को शतों के बारे में विनियम बनाने की शक्ति

अनुच्छेद 319: आयोग के सदस्यों द्वारा ऐसे सदस्य न रहने पर पद धारण करने के संबंध में प्रतिषेध

अनुच्छेद 320: लोक सेवा आयोग के कृत्य

अनुच्छेद 321: नॉक सेवा आयोगों पर कृत्यों का विस्तार करने की शक्ति

अनुच्छेद 322: लोक सेवा आयोगों के व्यय

अनुच्छेद 322: लोक सेवा आयोगों के प्रतिवेदन

 

भाग 14 (क)- (Part XIV (A))

 

अधिकरण (Tribunals)

अनुच्छेद 323-क: प्रशासनिक अधिकरण

अनुच्छेद 323-ख: अन्य विषयों के लिए अधिकरण

 

भाग 15 (Part XV)

 

निर्वाचन (Elections)

अनुच्छेद 324: निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण का निर्वाचन, आयोग में निहित होना

अनुच्छेद 325: धर्म, मूलवंश, जाति या लिंग के आधार पर किसी व्यक्ति का निर्वाचक नामावली में सम्मिलित किए जाने के लिए अपात्र न होना और उसके द्वारा किसी विशेष निर्वाचक नामावली में सम्मिलित किए जाने का दावा न किया जाना।

अनुच्छेद 326: लोक सभा और राज्यों की विधान सभाओं के लिए निर्वाचनों का वयस्क मताधिकार के आधार पर होना

अनुच्छेद 377: विधान-मंडलों के लिए निर्वाचनों के संबंध में उपबंध करने की संसद की शक्ति

अनुच्छेद 328: किसी राज्य के विधान-मंडल के लिए निर्वाचनों के संबंध में उपबंध करने की उस

विधान-मंडल की शक्ति

अनुच्छेद 329: निर्वाचन संबंधी मामलों में न्यायालयों के हस्तक्षेप का वर्जन

अनुच्छेद 329-क: (निरसित)

 

 

भाग 16 (Part XVI)

 

कुछ वर्गों के संबंध में विशेष उपबंध (Special provisions relating to Certain Classes)

अनुच्छेद 330: लोक सभा में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए स्थानों का आरक्षण

अनुच्छेद 331: लोक सभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व

अनुच्छेद 332: राज्यों को विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए

स्थानों को आरक्षण

अनुच्छेद 333: राज्यों की विधानसभाओं में आंग्ल-भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व

अनुच्छेद 334: स्थानों के आरक्षण और विशेष प्रतिनिधित्व का पचास वर्ष के पश्चात न रहना

अनुच्छेद 335: सेवाओं और पदों के लिए अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के दावे

अनुच्छेद 336: कुछ सेवाओं में आंग्ल-भारतीय समुदाय के लिए विशेष उपबंध

अनुच्छेद 337: आंग्ल-भारतीय समुदाय के फायदे के लिए शैक्षिक अनुदान के लिए विशेष उपबंध

अनुच्छेद 338: अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों आदि के लिए विशेष जानकारी

अनुच्छेद 339: अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण के बारे में संघ का नियंत्रण

अनुच्छेद 340: पिछड़े वर्गों की दशाओं के अन्वेषण के लिए आयोग की नियुक्ति

अनुच्छेद 341: अनुसूचित जातियां

अनुच्छेद 342: अनुसूचित जनजातियाँ

 

भाग 17 (Part XVII)

 

राजभाषा (Official Language)

अध्याय 1- संघ की भाषा (Language of the Union)

अनुच्छेद 343: संघ की राजभाषा (हिन्दी)

अनुच्छेद 344: राजभाषा के संबंध में आयोग और संसद की समिति

 

अध्याय 2- प्रादेशिक भाषाएं (Regional Languages)

अनुच्छेद 345: राज्य की राजभाषा या राजभाषाएं

अनुच्छेद 346: एक राज्य और दूसरे राज्य के बीच या किसी राज्य और सघ के बीच पत्रादि की राजभाषा

अनुच्छेद 347: किसी राज्य की जनसंख्या के किसी अनुभाग द्वारा बोली जानेवाली भाषा के संबंध में विशेष उपबंध

 

अध्याय 3- उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय आदि की भाषा (Language of the Supreme Courts, High Courts etc.)

अनुच्छेद 348: उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों में और अधिनियम, विधेयकों आदि के लिए प्रयोग की जाने वाली भाषा

अनुच्छेद 349: भाषा से संबंधित कुछ विधियां अधिनियमित करने के लिए विशेष प्रक्रिया

 

अध्याय 4- विशेष निशि (Special lirectives)

अनुच्छेद 350: व्यथा के निवारणके लिए अभ्यावेदन में प्रयोग की जाने वाली भाषा

अनुच्छेद 350-क: प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा की सुविधाएं

अनुच्छेद 350- ख: भाषाई अल्पसंख्यक-वर्गों के लिए विशेष अधिकारी

अनुच्छेद 351: हिन्दी भाषा के विकास के लिए निर्देश

 

भाग 18 (Part XVIII)

आपात प्रावधान (Emergency Provisions)

अनुच्छेद 352: आपात की उद्घोषणा

अनुच्छेद 353: आपात की उद्घोषणा का प्रभाव

अनुच्छेद 354: जब आपात की उद्घोषणा प्रवर्तन में है तब राजस्वों के वितरण संबंधी उपबंधों का लागू होना

अनुच्छेद 355: बाह्य आक्रमण और आंतरिक अशांति से राज्य की सुरक्षा करने का संघ का कर्तव्य

अनुच्छेद 356: राज्यों में सांविधानिक तंत्र के विफल हो जाने की दशा में उपबंध

अनुच्छेद 357: अनुच्छेद 356 के अधीन की गई उदघोषणा के अधीन विधायी शक्तियों का प्रयोग

अनुच्छेद 358: आपात के दौरान अनुच्छेद 19 के उपबंधों के निलंबन

अनुच्छेद 359: आपात के दौरान भाग 3 द्वारा प्रदत्त अधिकारों के प्रवर्तन का निलम्बन

अनुच्छेद 359-क: (निरसित)

अनुच्छेद 350: वित्तीय आपात के बारे में उपबंध

 

भाग 19 (Part XIX) प्रकीर्ण (Miscelianeous)

अनुच्छेद 361: राष्ट्रपति और राज्यपालों और राजप्रमुखों का संरक्षण

अनुच्छेद 361-क: संसद और राज्यों के विधान-मंडलों की कार्यवाहियों के प्रकाशन का संरक्षण

अनुच्छेद 362: (निरसित)

अनुच्छेद 363: कुछ संविदों, करारों आदि से उत्पन्न विवादों में न्यायालयों के हस्तक्षेप का वर्जन

अनुच्छेद 363-क: देशी राज्यों के शासकों को दी गई मान्यता की समाप्ति और निजी शैलियों का अंत

अनुच्छेद 364: महापत्तनों और विमानक्षेत्रों के बारे में विशेष उपबंध

अनुच्छेद 365: संघ द्वारा दिए गए निर्देशों का अनुपालन करने में या उनको प्रभावी करने में असफलता का प्रभाव

अनुच्छेद 356: परिभाषाएं

अनुच्छेद 367: निर्वाचन

 

भाग 20 (Part XX)

संविधान का संशोधन (Amendment of the Constitution)

अनुच्छेद 368: संविधान का संशोधन करने की संसद की शक्ति और उसके लिए प्रक्रिया

 

भाग 21 (Part XXI)

अस्थायी, सक्रमणकालीन और विशेष उपबंध (Temporary, Transitional and Special Provisions)

अनुच्छेद 369: राज्य सूची के कुछ विषयों के संबंध में विधि बनाने को संसद की इस प्रकार अस्थायी

शक्ति मानों में समवर्ती सूची के विषय हो

अनुच्छेद 370: जम्मू-कश्मीर राज्य के संबंध में अस्थायी उपबंध

अनुच्छेद 371: महाराष्ट्र और गुजरात राज्यों के सम्बन्ध में विशेष उपबंध

अनुच्छेद 371-क: नागालैंड राज्य के संबंध में विशेष उपबंध

अनुच्छेद 371-ख: असम राज्य के संबंध में विशेष उपबंध

अनुच्छेद 371-ग: मणिपुर राज्य के संबंध में विशेष उपबंध

अनुच्छेद 371-घ: आंध्र प्रदेश राज्य के संबंध में विशेष उपबंध

अनुच्छेद 371-ड़: आंध्र प्रदेश में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना

अनुच्छेद 371-च: सिक्किम राज्य के संबंध में विशेष उपबंध

अनुच्छेद 37-छ: मिजोरम राज्य के संबंध में विशेष उपबंध

अनुच्छेद 377-ज़: अरुणाचल प्रदेश राज्य के संबंध में विशेष उपबंध

अनुच्छेद 371-झ: गोवा राज्य के संबंध में विशेष उपबंध

अनुच्छेद 372: विद्यमान विधियों का प्रवृत्त बने रहना और उनका अनुकूलन

अनुच्छेद 372-क: विधियों का अनुकूलन करने की राष्ट्रपति की शक्ति ।

अनुच्छेद 373: निवारक निरोध में रखे गए व्यक्तियों के संबंध में कुछ दशाओं में आदेश करने की राष्ट्रपति की शक्ति

अनुच्छेद 374: फेडरल न्यायालय के न्यायाधीशों के और फ़ेडरल न्यायालय में यह परिषद हिज मेजेस्ट के समक्ष लॉबित कार्यवाहियों के बारे में उपबंध

अनुच्छेद 375: संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए न्यायालयों पदाधिकारियों और अधिकारियों का कृत्य करते रहना

अनुच्छेद 376: उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के बारे में उपबंध

अनुच्छेद 377: भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक के बारे में

अनुच्छेद 378: लोक सेवा आयोगों के बारे में उपबंध

अनुच्छेद 378-क: आंध्र प्रदेश विधान सभा की अवधि के बारे में विशेष उपबंध

अनुच्छेद 379-391: (निरसित)

अनुच्छेद 392: कठिनाइयों को दूर करने की राष्ट्रपति की शक्ति

 

भाग 22 (Part XXII)

संक्षिप्त नाम, प्रारंम, हिंदी में प्राधिकृत पाठ और निरसन (Short Title, Commencement, Authoritative Text In Hindi and Repeals)

अनुच्छेद 393: संक्षिप्त नाम

अनुच्छेद 394: प्रारंभ

अनुच्छेद 394-क: हिंदी भाषा में प्राधिकृत पाठ

अनुच्छेद 395: (निरसित)

 

भारतीय संविधान की अनुसूचिया

पहली अनुसूची – राज्य, संघ राज्य क्षेत्र का वर्ण

दूसरी अनुसूची – राष्ट्रपति और राज्यपालों के विषय में उपबंध, लोकसभा का अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, राज्य सभा के सभापति, उपसभापति, राज्य की विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष तथा विधान परिषद् के सभापति व उपसभापति के बारे में उपबंध ।

तीसरी अनुसूची – शपथ और प्रतिज्ञान के प्रारूप

चौथी अनुसूची – राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेश में राज्यसभा की सीटों स्थानों का आबंटन

पाँचवी अनुसूची -अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन व नियंत्रण

छठीं अनुसूची – असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के जनजाति क्षेत्रों का प्रशासन

सातवीं अनुसूची – संघ सूची, राज्य सूची, समवर्ती सूची

आठवीं अनुसूची – 22 भाषाएँ

नौवीं अनुसूची – कुछ अधिनियम और विनियमों का विधिमान्यीकरण प्रथम संशोधन द्वारा स्थापित

दसवीं अनुसूची – दल परिवर्तन के बारे में उपबंध 52 वें संशोधन द्वारा स्थापित

ग्यारहवीं अनुसूची – पंचायतों को शक्तियाँ तथा प्राधिकार (73 में सांविधानिक संशोधन 1992 द्वारा स्थापित)

बारहवीं अनुसूची – नगरपालिका की शक्तियाँ तथा प्राधिकार 74 वें सांविधानिक संशोधन 1992 द्वारा स्थापित

 

आठवीं अनुसूची की भाषाएँ

  • मूल संविधान के आदर्दी अनुसूची में कुल 14 भाषाएँ थीं, जों वर्तमान में बढ़कर 22 भाषा हो गई हैं।
  • असमिया, बंगाली, गुजराती, हिन्दी, कन्नड़, कश्मीरी, मलयालम, मराठी, उड़ीया, पंजाबी, संस्कृत, सिंधी, तमिल, तेलगू, उर्दू, कोंकणी, मणिपुरी, नेपाली, वोडों, मैथिली, संथाली, डोंगरी।
  • कोंकणों, मणिपुरों और नेपाली को 71वें सांविधानिक संशोधन 1992 द्वारा संविधान की आठवीं अनुसूची में जोड़ा गया
  • बोंडों, मैथिली, संथाली, डोंगरी को 92 वें साँवधान संशोधन 2003 द्वारा जोड़ा गया।

 

नोट: संविधान निर्माण के समय संविधान में कुल 395 अनुच्छेद थे जो कि वर्तमान में बढ़कर 444 हों गए हैं एवं 8 अनुसूचियों से बढ़कर अब 12 अनुसूचियों हो गई हैं।

Facebook Comments